खाकी के साए में वसूली! मेरठ में दरोगा बने ‘किडनैपर’, 20 लाख का खेल उजागर

अजमल शाह
अजमल शाह

मेरठ पुलिस की छवि को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां लोहियानगर थाने में तैनात दो दरोगाओं पर एक कारोबारी के अपहरण और 20 लाख रुपये की अवैध वसूली का सनसनीखेज आरोप लगा है। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर पल रही उस सच्चाई की झलक है, जिस पर अक्सर सवाल दबा दिए जाते हैं।

कौन है पीड़ित कारोबारी?

पीड़ित राशिक, लिसाड़ी गेट क्षेत्र का निवासी है। धागे के कारोबार के साथ-साथ वह Dubai-based property और import-export business से भी जुड़ा है। हाल ही में जमीन बेचकर मिली रकम की भनक पुलिस के एक मुखबिर को लगी — और यहीं से कहानी ने गलत मोड़ ले लिया।

अगवा कर बनाई ‘वसूली स्क्रिप्ट’

आरोप है कि 2023 बैच के दोनों दरोगाओं ने मुखबिर के साथ मिलकर कारोबारी को जबरन अगवा किया। सोना तस्करी जैसे गंभीर मामले में जेल भेजने की धमकी देकर उससे 20 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। कानून के रक्षक ही कानून को बंधक बना बैठे।

मोबाइल लोकेशन ने खोल दी पोल

जब दरोगाओं ने एक हफ्ते बाद 10 लाख और मांगने की कोशिश की, तो कारोबारी ने चुप्पी तोड़ते हुए सीधे SSP और SP City से शिकायत कर दी। गोपनीय जांच में मोबाइल लोकेशन डेटा ने सारा खेल बिगाड़ दिया — वसूली के समय कारोबारी और दोनों दरोगाओं की लोकेशन एक ही जगह पाई गई।

CCTV और 15 लाख की बरामदगी

जांच के दौरान CCTV फुटेज भी सामने आया, जिसमें वह कार कैद हुई, जिसमें कारोबारी को बंधक बनाकर घुमाया गया था। पूछताछ में 15 लाख रुपये बरामद कर लिए गए, लेकिन बाकी रकम देने का बहाना बनाकर दोनों दरोगा फरार हो गए।

SSP का बयान और आगे की कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने साफ किया है कि दोनों दरोगाओं के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है। साथ ही लोहियानगर थानाध्यक्ष की भूमिका की भी जांच शुरू हो चुकी है।
सवाल सिर्फ दो दरोगाओं का नहीं, बल्कि उस सिस्टम का है जो ऐसे मामलों को पनपने देता है।

जख्म गहरे हैं! IAF की Strike के बाद Bholaari Airbase अब भी ICU में

Related posts

Leave a Comment